खेल डेस्क. भारतीय कप्तान विराट कोहली के बाद केएल राहुल ने टीम के ज्यादा क्रिकेट खेलने पर चिंता जताई है। उन्होंने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी टी-20 जीतने के बाद कहा, ‘‘लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शरीर पर भारी पड़ रहा है। हम हर महीने इतने मैच खेल रहे हैं। इसलिए खुद को शारीरिक और मानसिक रुप से फिट रखने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ रही है।’’ टीम इंडिया ने जनवरी से लेकर अब तक श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। इसमें 8 टी-20 और 3 वनडे शामिल हैं। इस लिहाज से टीम इंडिया मैदान पर 11 दिन रही।
पिछले साल जून से 19 जनवरी 2020 तक टीम इंडिया इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, अमेरिका और भारत में 19 वनडे, 15 टी-20 और 7 टेस्ट खेले थे। यानी कुल 41 मैच। इस दौरान टीम 62 दिन मैदान पर रही। अगर इसमें न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए 5 टी-20 जोड़ दें, तो भारतीय टीम अब तक 46 मैच खेल चुकी और 67 दिन मैदान पर बिताए हैं। अगर इसमें मैच से पहले एक दिन प्रैक्टिस का जोड़ लें, तो टीम इस दौरान 134 दिन मैदान पर रही।
विराट ने न्यूजीलैंड दौरे से पहले ज्यादा क्रिकेट की शिकायत की थी
पिछले दिनों कोहली ने भी न्यूजीलैंड सीरीज के शेड्यूल को लेकर नाराजगी जताई थी। तब उन्होंने कहा था कि वह दिन दूर नहीं जब खिलाड़ी सीधे स्टेडियम में लैंड करेंगे और मैच खेलेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि भविष्य में शेड्यूल तय करते वक्त इसका ध्यान रखा जाएगा। उनकी चिंता वाजिब भी थी कि क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज खत्म होने के 4 दिन बाद ही भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड में पहला टी-20 खेला।
सीओए की पूर्व सदस्य ने विराट के बयान पर हैरानी जताई थी
भारतीय कप्तान के बयान पर बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीओए) की पूर्व सदस्य डायना एडुल्जी ने हैरानी जताई थी। उन्होंने दावा किया था कि न्यूजीलैंड दौरा 2017 में ही फाइनल हो गया था। खुद कोहली और कोच रवि शास्त्री ने इस पर रजामंदी जताई थी। इसके बाद अगर वह ऐसा कह रहे हैं तो शायद ज्यादा क्रिकेट खेलने की वजह से वह यह बात भूल गए।